इस जगह से हुआ था कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का ट्विटर हैक

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के ट्rr-12विटर अकाउंट्स हैक होने के मामले की शुरुआती जांच में पता चला है कि हैकरों ने जिस सिस्टम पर लॉग इन किया, उसका सर्वर बेंगलुरु में है। सूत्रों के मुताबिक, हैकरों ने जिस आईपी अड्रेस का इस्तेमाल किया है, वह नॉर्वे या स्वीडन का पाया गया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के ट्विटर अकाउंट्स हैक होने की शिकायत मिलने पर दो एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने बताया कि आईटी ऐक्ट की धारा 66 के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस को आशंका है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष का ट्विटर अकाउंट ऐसे डिवाइस से हैक किया गया जिसमें या अपडेटेड ऐंटी-वायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल नहीं था या फिर किसी दूसरे के आईपी अड्रेस का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने कहा कि हैकरों ने अलग-अलग आईपी अड्रेस से लॉग इन किया होगा ताकि उसे आसानी से ट्रैक नहीं किया जा सके। पुलिस को यह भी आशंका है कि जिस सिस्टम से ट्विटर अकाउंट्स ऐक्सेस किए गए, उसमें मालवेयर मौजूद था। उन्होंने हैकिंग के इस तरीके को ‘स्पीयर फिसिंग’ बताया जिसमें ट्विटर हैंडल क्रिएट करने के लिए ईमेल अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है या फिसिंग सॉफ्टवेयर के जरिए ट्विटर अकाउंट को ही हैक कर लिया जाता है।
कांग्रेस की मेल आईडी की गहरी पड़ताल के लिए डीसीपी अन्येश रॉय के अधीन साइबर सिक्यॉरिटी टीम गठित की गई है। वहीं, ट्विटर से भी कहा गया है कि वह इससे संबंधित जानकारी मुहैया कराए कि हैकरों ने अपना ट्विटर प्रोफाइल कैसे तैयार किया। बुधवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का ट्विटर अकाउंट हैक हो गया था। हैकरों ने कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखीं। बाद में कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट भी हैक हो गया। राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि देश में साइबर सिक्यॉरिटी का बड़ा मसला है। इसके जवाब में आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश में साइबर सिक्यॉरिटी बिल्कुल दुरुस्त है। इतना ही नहीं, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने तो हैकिंग के पीछे बीजेपी नेताओं का हाथ होने की आशंका जता दी। इस पर बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि यह राहुल से नाराज किसी कांग्रेसी का ही काम है।
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